
बिलासपुर। दूध के कारोबार से जुड़ी कई नामी कंपनियों की ओर से दाम बढ़ाने के बाद अब बिलासपुर जिले की कामधेनु संस्था ने भी उपभोक्ताओं को झटका दे दिया है। महंगाई के चलते लागत बढ़ने और पशुपालकों को लाभान्वित करने का हवाला देते हुए संस्था ने दूध की कीमत दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का निर्णय लिया है। बढ़ी हुई कीमतें 16 दिसंबर से लागू होंगी। हालांकि 8-9 माह की अवधि में कामधेनु संस्था के दूध के दामों में चार रुपये की वृद्धि हुई है, लेकिन इसके बावजूद अन्य कंपनियाें की तुलना में यह सस्ता है।
दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में बिलासपुर की कामधेनु संस्था एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी है। संस्था के साथ लगभग 1800 पशुपालक परिवार जुड़े हुए हैं। हर रोज उनसे लगभग नौ हजार लीटर दूध एकत्रित कर संस्था उसे बिलासपुर जिले के साथ ही सोलन और सुंदरनगर तक के उपभोक्ताआें तक पहुंचाती है। खुला दूध 31, जबकि पैकेट बंद दूध क्रमश: 34 और 35 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाता है। हाल ही में कई नामी कंपनियों ने दूध के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाए हैं। वेरका दूध की नई कीमतें सोमवार, जबकि वीटा और सुपर दूध की बढ़ी हुई कीमतें बुधवार से लागू हो गई हैं। इसी तर्ज पर अब कामधेनु संस्था ने भी दूध के दाम दो रुपये बढ़ा दिए हैं। 16 दिसंबर से उपभोक्ताओं को कामधेनु का दूध खरीदने के लिए प्रति लीटर दो रुपये अधिक चुकाने पड़ेंगे।
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क्या कहना है संस्था का
कामधेनु संस्था के सचिव जीतराम कौंडल ने कहा कि संस्था के साथ लगभग 1800 कृषक परिवार जुड़े हैं। इनमें से 1200 परिवारों की रोजी-रोटी मुख्य रूप से दुग्ध उत्पादन पर ही निर्भर है। बढ़ती महंगाई के चलते सभी तरह के खर्चे बढ़ रहे हैं। ऐसे में दुग्ध उत्पादक परिवारों को लाभान्वित करने के लिए दूध के दाम बढ़ाए गए हैं। विभिन्न कंपनियों ने 8-9 माह में दूध के दाम तीसरी बार बढ़ाए हैं, लेकिन कामधेनु संस्था ने दूसरी बार ही वृद्धि की है।
